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फरीदाबाद, 30 जनवरी (राहुल चौधरी) : नीलम चौक स्थित एस्कोर्ट फोर्टिस अस्पताल की ओर से अस्पताल सभागार में जागरूकता सेमिनार का आयोजन किया गया। इसमें अस्पताल के न्यूरोलॉजी विभाग डायरेक्टर डॉक्टर रोहित गुप्ता मुख्य रूप से उपस्थित रहे। सेमिनार में 100 से अधिक मरीजों ने भाग लिया। डॉ. रोहित ने कहा कि बदलती जीवनशैली में लोग स्ट्रोक (पैरालाइसिस) का शिकार अधिक हो रहे हैं। खासकर युवा वर्ग इसकी चपेट में आ रहा है। इसकी 10 मुख्य वजह हैं। अगर इन्हें कंट्रोल कर लिया जाए तो इससे होने वाली बीमारियों से आसानी से बचा जा सकता है। डॉक्टर रोहित गुप्ता ने कहा कि बदलते परिवेश में आज हर व्यक्ति तनाव की समस्या से जूझ रहा है। इसका मुख्य कारण रात में देर से सोना, बाहर का खानपान, शराब और सिगरेट का सेवन, सुबह जल्दी उठकर ऑफिस की भागदौड़, ऑफिस में काम का अत्याधिक प्रेसर, आज के काम को कल पर टालना आदि। इन सब के बीच व्यक्ति खुद को समय ही नहीं दे पाता है। इसके चलते व्यक्ति डायबिटीज, स्मोकिंग, बीपी, हार्ट की बीमारी, हार्ट की धडक़न सामान्य रहना जरूरी, शराब का सेवन, सेडेंटरी लाइफस्टाइल, मोटापा, तनाव, कोलेस्ट्रोल जैसी बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। इनको नियंत्रित रखना बेहद जरूरी है। इनके अनियंत्रित होने से व्यक्ति कई प्रकार की गंभीर बीमारियों की चपेट में आ सकता है। इसके लएि लोगों को समय-समय पर डॉक्टरों की जांच करवानी चाहिए। नौकरीपेशा व्यक्ति हर साल अपना एक फुल बॉडी चेकअप जरूर करवाएं। जिससे की अगर कोई बीमारी उनके शरीर में बन भी रही हो उसका समय पर पता चल सके और गंभीर बीमारियों के खतरे से समय रहते बच सके। सेमिनार में मरीजों ने डॉक्टर से बीमारी को लेकर सवाल जबाव भी किए। डॉक्टर रोहित ने मरीजों के सभी सवालों का समाधान किया। उन्होंने कहा कि तनाव को लेकर लोगों में जागरूकता का काफी आभाव है। इसके लिए समय-समय पर जागरूकता सेमिनार होते रहने चाहिए। जागरुकता बढऩे से ही बीमारियों को कंट्रोल किया जा सकता है।
इन चीजों पर रखें कंट्रोल-: डा. रोहित गुप्ता ने बताया कि यदि डायबिटीज, स्मोकिंग, बीपी, हार्ट की धडक़न सामान्य रहना जरूरी, शराब का सेवन, सेंडेटरी
लाइफस्टाइल, मोटापा, तनाव, कोलेस्ट्रोल, हार्ट की बीमारी पर कंट्रोल रखा जाए तो स्ट्रोक से बचा जा सकता है।

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